होकातो होटोझे सेमा, 2024 समर पैरालंपिक्स में पुरुष शॉट पुट F47 इवेंट में कांस्य पदक जीता (indiacurrentaffairs2024)
7 सितंबर 2024 तक, पेरिस पैरालंपिक्स में भारत ने अब तक 27 पदक जीते हैं, जिसमें 6 स्वर्ण, 9 रजत, और 12 कांस्य पदक शामिल हैं। यह भारत के पैरालंपिक इतिहास का सबसे अच्छा प्रदर्शन है, जो 2020 टोक्यो पैरालंपिक्स के 19 पदकों के रिकॉर्ड से आगे निकल गया है।परिचय
होकातो होटोझे सेमा का जन्म 24 दिसंबर 1983
को दीमापुर, नागालैंड में हुआ। वह एक भारतीय पैरा-एथलीट हैं, जो पुरुष शॉट
पुट F57 इवेंट में
हिस्सा लेते हैं। उनकी प्रतिभा ने उन्हें पेरिस 2024 समर पैरालंपिक्स में पदक
विजेता बनाया, जो उनकी पहली पैरालंपिक प्रतियोगिता थी।
होकातो होटोझे सेमा भारतीय सेना में हवलदार के
रूप में 9 असम रेजिमेंट
में कार्यरत थे । 2002 में नियंत्रण रेखा पर एक ऑपरेशन के दौरान एक लैंडमाइन
विस्फोट के कारण उन्होंने अपना पैर खो दिया था। इस हादसे के बाद, 32 साल की उम्र
में उन्होंने शॉट पुट खेलना शुरू किया। वह कोच राकेश रावत के निर्देशन में प्रशिक्षण लेते हैं
और वर्तमान में उन्हें ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट (OGQ) नामक खेल संगठन द्वारा
समर्थन प्राप्त है, जो खिलाड़ियों को उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद करता है।
पैरालंपिक्स में
प्रदर्शन
2024 समर पैरालंपिक्स में सेमा ने पुरुष शॉट पुट F57 इवेंट में भाग
लिया। प्रतियोगिता में वह छठे क्रम पर थे और उन्होंने अपने तीसरे थ्रो में 14.40
मीटर का थ्रो
कर कांस्य पदक की ओर कदम बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने 14.65 मीटर का नया व्यक्तिगत
सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर अपनी जीत को पक्का किया।
कांस्य पदक की जीत
इस इवेंट में
शीर्ष दो पदक पहले ही तय हो चुके थे, जब ईरान के यासीन खोस्रवी ने 15.96 मीटर का
पैरालंपिक्स रिकॉर्ड बनाया और ब्राजील के थियागो पॉलिनो डॉस सैंटोस ने 15.06
मीटर का थ्रो
किया। सेमा के मुख्य प्रतिद्वंद्वी फिनलैंड के तेजियो कूपिका थे, जिन्होंने
विश्व चैम्पियनशिप में 14.74 मीटर के साथ कांस्य जीता था। इस बार कूपिका के 14.18
मीटर के थ्रो
के बाद सेमा को मौका मिला और उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक हासिल
किया।
व्यक्तिगत उपलब्धि
सेमा ने इस
प्रतियोगिता में 14.65 मीटर का नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उनके इस
थ्रो ने उन्हें न केवल कांस्य पदक दिलाया, बल्कि यह उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि भी
बनी।
भारत की पदक तालिका में
योगदान
सेमा की इस जीत
ने भारत की पदक तालिका में एक और पदक जोड़ा, जिससे देश की कुल पदक
संख्या 27 हो गई। उनके इस
प्रयास ने भारतीय पैरा-खिलाड़ियों के समर्पण और मेहनत को दर्शाया है।
निष्कर्ष
होकातो होटोझे
सेमा की यह जीत उनके समर्पण, मेहनत और आत्मविश्वास का परिणाम है। पहली बार पैरालंपिक्स
में हिस्सा लेकर कांस्य पदक जीतना न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व
का क्षण है।
FAQ:-
1.
होकातो होटोझे सेमा ने 2024 समर पैरालंपिक्स में किस
इवेंट में भाग लिया?
(a) पुरुष शॉट पुट F47
(b) पुरुष डिस्कस थ्रो F57
(c) पुरुष शॉट पुट F57
(d) पुरुष जेवलिन थ्रो F57
2.
होकातो सेमा ने 2024 समर पैरालंपिक्स में कौन सा
पदक जीता?
(a) स्वर्ण पदक
(b) रजत पदक
(c) कांस्य पदक
(d) कोई पदक नहीं
3.
होकातो सेमा का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो क्या था,
जिसने उन्हें
कांस्य पदक दिलाया?
(a) 14.40 मीटर
(b) 14.65 मीटर
(c) 14.18 मीटर
(d) 15.06 मीटर
4.
2024 पैरालंपिक्स में पुरुष शॉट पुट F57 में किस
खिलाड़ी ने स्वर्ण पदक जीता?
(a) तेजियो कूपिका
(b) यासीन खोस्रवी
(c) थियागो पॉलिनो डॉस सैंटोस
(d) होकातो होटोझे सेमा
5.
होकातो होटोझे सेमा किस राज्य से संबंधित हैं?
(a) असम
(b) नागालैंड
(c) मणिपुर
(d) मेघालय
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