राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार में राजस्थान की उपलब्धि

मुंबई में आयोजित 27वीं ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस के दौरान, राजस्थान सरकार को दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

1. राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस (गोल्ड) पुरस्कार-2024:
राजस्थान सरकार को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार सिलिकोसिस रोग की पहचान के लिए टेली-रेडियोलॉजी और कृत्रिम बुद्धिमता (AI) के अभिनव प्रयोग हेतु प्रदान किया गया। इस पुरस्कार ने राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और उन्नत समाधानों को मान्यता दी है, जो सिलिकोसिस जैसे गंभीर रोग की सटीक पहचान और उपचार में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।

2. राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस (सिल्वर) पुरस्कार-2024: (राज किसान साथी फेज 2)
"इज ऑफ डुइंग फार्मिंग" के तहत, राजस्थान सरकार को यह पुरस्कार प्रदान किया गया। इस पहल के माध्यम से, राज्य ने कृषि क्षेत्र में संचालन की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

इन पुरस्कारों से राजस्थान सरकार की ई-गवर्नेंस में दक्षता और नवाचार की दिशा में की गई मेहनत को मान्यता मिली है। यह पुरस्कार राज्य की डिजिटल पहल और प्रौद्योगिकी के माध्यम से सेवा वितरण में सुधार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

पन्नाधाय बाल गोपाल योजना

  • मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना का नाम बदलकर ही पन्नाधाय बाल गोपाल योजना कर दिया गया है।
  • मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना की शुरूआत –  29 नवंबर 2022
  •  इस योजना में प्रधानमंत्री पोषण मिड डे मील योजना के अंतर्गत शिक्षण संस्थानों में संचालित मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को पाउडर मिल्क से तैयार दूध उपलब्ध करवाया जाता है।
  • अब इस योजना का नाम परिवर्तित करके 4 सितंबर 2024 को पन्नाध्याय बाल गोपाल योजना(Pannadhay Bal Gopal Yojana) किया गया है।
  • अब इस योजना को नए सिरे से शुरू कर बच्चों में दूध वितरण बंद कर इसकी जगह मोटे अनाज से बने व्यंजन दिए जाएंगे।

पेरिस पैरा ओलंपिक 2024

  •  पेरिस पैरा ओलंपिक 2024 में अवनी लेखरा ने 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक  पदक जीता।

राजस्थान में एफ.एम रेडियो की शुरुआत

  • केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि राजस्थान के 19 शहरों में एफ.एम रेडियो की शुरुआत की जाएगी ।

कल्चरल कारवां कला उत्सव

  • दो दिवसीय 31 अगस्त से 1 सितंबर 2024 तक कल्चरल कारवां कला उत्सव का आयोजन जवाहर कला केंद्र, जयपुर में किया गया।

राजस्थान में स्वर्ण खनन का नया अध्याय: 18 गोल्ड ब्लॉक चिन्हित

राजस्थान ने स्वर्ण खनन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 4 जिलों में कुल 18 गोल्ड ब्लॉक चिन्हित किए हैं। यह निर्णय राज्य की स्वर्ण भंडारण क्षमता को और बढ़ाएगा और खनन उद्योग को नए अवसर प्रदान करेगा।

चिन्हित गोल्ड ब्लॉक की सूची:

बांसवाड़ा: इस जिले में 12 गोल्ड ब्लॉक चिन्हित किए गए हैं, जिनमें प्रमुख ब्लॉक जगतपुरा, भुकिया, देलवाड़ा, और पंच-माहुरी शामिल हैं। ये ब्लॉक स्वर्ण खनन की दृष्टि से अत्यधिक संभावनाशील माने जा रहे हैं।

उदयपुर: यहां 4 ब्लॉक चिन्हित किए गए हैं, जिनमें डगोचा ब्लॉक प्रमुख है। यह क्षेत्र स्वर्ण खनन के नए संभावित क्षेत्र के रूप में उभरा है।

दौसा: इस जिले में एक ब्लॉक चिन्हित किया गया है - ढाणी बसेड़ी, जो क्षेत्रीय खनन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण जुड़ाव है।

डुंगरपुर: भारकुंडी ब्लॉक को चिन्हित किया गया है, जो राज्य के स्वर्ण भंडारण के लिए एक नई उपलब्धि है।

राजस्थान का स्वर्ण भंडार देश में दूसरे स्थान पर है, और राज्य के पास कुल देश के स्वर्ण भंडार का 25% हिस्सा है। बिहार, जो पहले स्थान पर है, का स्वर्ण भंडार 44% है। इन नए गोल्ड ब्लॉकों के चिन्हित होने से राज्य के खनन क्षेत्र में उन्नति की उम्मीद है, जिससे स्थानीय विकास और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। यह कदम राजस्थान की खनन नीति को मजबूत करेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक योगदान देगा।

 

डाबरी कलां, कोटा: हाड़ौती संस्कृति का नया पर्यटन स्थल

राजस्थान के कोटा जिले में स्थित डाबरी कलां गांव को एक नया पहचान मिल चुकी है, क्योंकि यह गांव कोटा जिले का पहला गांव बन गया है जिसे पर्यटन विभाग द्वारा पंजीकृत किया गया है। इस पहल के साथ डाबरी कलां न केवल राजस्थान, बल्कि पूरे भारत और दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रहा है।

प्रमुख आकर्षण:

डाबरी कलां, कोटा का प्रमुख पर्यटन स्थल बनने के पीछे इसकी अनूठी विशेषताएं हैं। यह गांव हाड़ौती क्षेत्र की समृद्ध कला, संस्कृति, और ऐतिहासिक धरोहरों को प्रदर्शित करता है।

मुख्य आकर्षण:

हाड़ौती कला और संस्कृति का प्रदर्शन: इस गांव में हाड़ौती क्षेत्र की पारंपरिक कला और संस्कृति को जीवंत तरीके से प्रस्तुत किया जाता है, जिससे पर्यटक यहां की स्थानीय संस्कृति को करीब से जान सकते हैं।

65 बीघा में फैला पर्यटन स्थल: यह स्थल लगभग 65 बीघा भूमि में विकसित किया गया है, जहाँ विभिन्न सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थल बनाए गए हैं। यह पर्यटन स्थल प्राकृतिक सुंदरता और ग्रामीण जीवन के अनुभव का अद्भुत संगम है।

वेशभूषा और पारंपरिक जीवनशैली: पर्यटक यहां की पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प, और स्थानीय जीवनशैली का अनुभव कर सकते हैं। यह गांव राजस्थान के गांवों की वास्तविक सुंदरता और सादगी को प्रस्तुत करता है।

पर्यटकों की बढ़ती रुचि:

डाबरी कलां अब विश्व भर के पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। स्थानीय कला, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति बढ़ती रुचि के कारण यहां पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।

निष्कर्ष:

डाबरी कलां न केवल कोटा जिले के लिए एक गर्व का विषय है, बल्कि यह राजस्थान के समृद्ध सांस्कृतिक धरोहरों को प्रमोट करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। हाड़ौती कला और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए यह गांव एक आदर्श पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है।

प्रखर राजस्थान अभियान: शिक्षा में गुणवत्ता सुधार की नई पहल

राजस्थान सरकार ने राज्य के शिक्षा स्तर को सुधारने के उद्देश्य से प्रखर राजस्थान अभियान की शुरुआत की है। यह विशेष अभियान 9 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक संचालित होगा, जिसका उद्देश्य प्रदेश के बच्चों में पढ़ने और लिखने की मूलभूत संक्रियाओं को विकसित करना है, ताकि वे अपनी कक्षा के स्तर के अनुरूप शिक्षा प्राप्त कर सकें।

शिक्षा मत्री श्री मदन दिलावर ने झालावाड़ जिले के कनवाड़ी ग्राम के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में "प्रखर राजस्थान रीडिंग अभियान" का शुभारम्भ किया।

अभियान के मुख्य उद्देश्य:

बुनियादी शिक्षा में सुधार: इस अभियान का प्रमुख लक्ष्य कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों में पढ़ने और लिखने की क्षमताओं को मजबूत करना है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चे अपने कक्षा स्तर के अनुसार सही पठन और लेखन कौशल विकसित कर सकें।

पठन कौशल का विकास: राज्य के सभी विद्यालयों में इस अभियान के तहत पठन कौशल को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों में पठन की प्रवाहशीलता और पढ़े हुए विषय की गहरी समझ विकसित करना है।

समझ के साथ पढ़ाई: बच्चों में केवल पठन नहीं, बल्कि पढ़े हुए को समझने की क्षमता भी विकसित की जाएगी। इससे बच्चों की समग्र शैक्षिक योग्यता में सुधार होगा, जिससे वे भविष्य में बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।

क्रियान्वयन की योजना:

इस अभियान को प्रदेश के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों में लागू किया जाएगा। शिक्षक और अन्य शैक्षिक अधिकारी मिलकर इस अभियान को सफल बनाने के लिए विशेष रूप से तैयार की गई योजनाओं का पालन करेंगे। इसके अंतर्गत नियमित आकलन, शिक्षक प्रशिक्षण, और बच्चों के लिए विशेष गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, ताकि बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़े और वे अपने शैक्षिक लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें।

 

मिसेज राजस्थान-2024: प्रमुख अंश

विजेता: सलोनी वर्मा
फर्स्ट रनर अप: साक्षी नंदावत

आयोजन: ब्यूटी पेजेंट मिसेज राजस्थान-2024 का आयोजन फ्यूजन की ओर से जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में किया गया।

इस कार्यक्रम ने राजस्थान के ब्यूटी पेजेंट सर्किट में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। सलोनी वर्मा ने मिसेज राजस्थान-2024 का खिताब जीतकर सभी को प्रभावित किया, जबकि साक्षी नंदावत ने फर्स्ट रनर अप का स्थान हासिल किया। यह इवेंट राजस्थान की सुंदरता और विविधता को उजागर करने के साथ ही महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा देता है।

 

राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024: एक व्यापक अवलोकन

राजस्थान सरकार ने राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 'राइजिंग राजस्थान' ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का आयोजन दिसंबर 2024 में जयपुर में करने की योजना बनाई है। इस महत्वपूर्ण समिट का मुख्य उद्देश्य राज्य में औद्योगिक और निवेश अवसरों को बढ़ावा देना है।

मुख्य घटनाएँ और गतिविधियाँ:

पहला रोड शो: इस समिट की तैयारी के तहत, पहला रोड शो 30 अगस्त 2024 को मुंबई में आयोजित किया गया। इस रोड शो का उद्देश्य देशी और विदेशी निवेशकों को राजस्थान में निवेश के अवसरों के बारे में जानकारी देना और उनकी भागीदारी को आकर्षित करना था।

मुख्यमंत्री की भागीदारी: इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने नेतृत्व किया। मुख्यमंत्री ने जापान से आए विशेष प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और निवेश के लिए राजस्थान के दृष्टिकोण पर चर्चा की।

समझौता ज्ञापन: रोड शो के दौरान कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए, जो राज्य के औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे में सुधार को लक्षित करते हैं।

वेबसाइट का शुभारंभ: 'राइजिंग राजस्थान' वेबसाइट का भी शुभारंभ किया गया, जो समिट के बारे में जानकारी प्रदान करेगा और निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन बनेगा।

साझेदारी और अनुभव: उद्योग जगत की जानी-मानी हस्तियों, जिन्होंने पहले से राजस्थान में निवेश किया है, ने अपने अनुभव साझा किए। यह रोड शो राज्य में हो रहे औद्योगिक परिवर्तन और बुनियादी ढांचे के निर्माण की जानकारी भी प्रदान करेगा।

लघु फिल्म: रोड शो के दौरान, प्रदेश में तेजी से हो रहे निवेश को लघु फिल्म के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

भविष्य की योजना:

अंतर्राष्ट्रीय रोड शो: अगले दो महीनों के दौरान, राजस्थान सरकार दिल्ली, हैदराबाद, चेन्नई, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई), सऊदी अरब, यूनाइटेड किंगडम (यूके) और जर्मनी में भी रोड शो आयोजित करेगी। इन रोड शो का उद्देश्य देशी और विदेशी निवेशकों, संस्थानों, निगमों और उद्योगों को राजस्थान में निवेश के लिए आमंत्रित करना है।

निष्कर्ष:

'राइजिंग राजस्थान' ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 एक महत्वाकांक्षी पहल है जिसका उद्देश्य राज्य के औद्योगिक विकास को गति देना और निवेशकों को आकर्षित करना है। इस समिट के माध्यम से, राजस्थान सरकार ने राज्य में निवेश की संभावनाओं को उजागर करने और वैश्विक निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए व्यापक प्रयास किए हैं।

राजस्थान में नगर निगमों की संख्या में वृद्धि


नवीन नगर निगम: भीलवाड़ा और पाली अब नगर निगम के रूप में क्रमोन्नत किए गए हैं।

वर्तमान कुल संख्या: राजस्थान में अब कुल 13 नगर निगम हो गए हैं।

नगर निगमों की सूची:

1.        जयपुर हैरिटेज

2.        जयपुर ग्रेटर

3.        कोटा उत्तर

4.        कोटा दक्षिण

5.        जोधपुर उत्तर

6.        जोधपुर दक्षिण

7.        उदयपुर

8.        भरतपुर

9.        बीकानेर

10.    अजमेर

11.    अलवर

12.    भीलवाड़ा

13.    पाली


विशेष नोट: संलग्न में 11 नगर निगम दिखाए गए हैं, जबकि दो की अधिसूचना हाल ही में जारी की गई है, जिससे कुल नगर निगमों की संख्या 13 हो गई है।

दिग्विजयसिंह चौहान

शहर: जयपुर

उपलब्धि: दिग्विजयसिंह चौहान को राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता के लिए चुना गया है।

प्रतियोगिता: उन्होंने गोवा में आयोजित इंडिया ओपन शूटिंग प्रतियोगिता में 10 मीटर एयर पिस्टल सबयूथ पुरुष स्पर्धा में क्वालीफाई किया है।

शीना पाराशर

प्रतिनिधित्व: शीना पाराशर जयपुर की रहने वाली हैं और वे इजिप्ट में होने वाले 'ब्यूटी पेजेंट मिस एलीट वर्ल्ड-2024' में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

हालिया उपलब्धि: शीना को हाल ही में "मिस एलीट इंडिया 2024" खिताब से नवाजा गया था।

रूट्स ऑफ राजस्थान अभियान


Ø शुभारम्भ: 30 मार्च 2024

Ø शुभारम्भकर्ता: दिया कुमारी

Ø उद्देश्य: पर्यटन को बढ़ावा देना

Ø अवधि: 6 माह

Ø आयोजन: 'द फ्यूचर सोसाइटी' के तत्वावधान में

Ø विशेषताएँ:

Ø डिजिटल बाल मेला: इस अभियान को "डिजिटल बाल मेला" के तहत शुरू किया गया।

Ø उम्र सीमा: 10 से 18 वर्ष के बच्चे इसमें शामिल हो सकते हैं।

Ø कार्यक्रम: बच्चे राजस्थान के पर्यटन स्थलों की जानकारी देते हुए वीडियो बनाएंगे।

Ø इनाम: सबसे अच्छी वीडियो बनाने वाले को 50 हजार रुपये का नकद इनाम मिलेगा।

Ø यह अभियान बच्चों को पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी डिजिटल क्षमताओं को भी प्रोत्साहित करेगा।


आदिनाथ कैंसर मेडिसिटी का शुभारम्भ

Ø आयोजन: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अजमेर में आदिनाथ कैंसर मेडिसिटी यूनिट ऑफ बी.आर. शास्त्री सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का शुभारम्भ किया।

Ø उद्देश्य: इस नई यूनिट का उद्देश्य कैंसर के उपचार में विशेष चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करना है।

Ø स्थान: अजमेर

Ø संस्थान: बी.आर. शास्त्री सुपर स्पेशलिटी अस्पताल

Ø यह अस्पताल कैंसर उपचार में अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता के साथ मरीजों को बेहतर सेवाएँ प्रदान करेगा।

 

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में नई संशोधन


Ø प्रारम्भ: 1 जनवरी 2017

Ø योजना की नई घोषणा:

वेतन वृद्धि: 2024-25 में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 1 सितंबर से दिव्यांग गर्भवती महिलाओं को प्रथम संतान के लिए 6500 रुपये की जगह 10,000 रुपये की राशि दी जाएगी।

राशि की किश्तें:

Ø प्रथम किश्त: 4000 रुपये (प्रसव पूर्व)

Ø दूसरी किश्त: 3000 रुपये (जन्म पर)

Ø तीसरी किश्त: 3000 रुपये (पंजीकरण पर) अथवा योजना के साथ:

Ø राष्ट्रीय पोषण माह-2024: राज्य में 1 सितंबर से "राष्ट्रीय पोषण माह-2024" की शुरुआत होगी।


बीएसएफ रिट्रीट सेरेमनी: जैसलमेर में नया आकर्षण

जैसलमेर स्थित तनोट राय मंदिर कॉम्प्लेक्स में अगले साल से बीएसएफ रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया जाएगा, जिसे वाघा बॉर्डर ,अमृतसर की तरह ही प्रमुखता से आयोजित किया जाएगा।

मुख्य बिंदु:

सेरेमनी की शुरुआत: इस समारोह की शुरुआत अगले साल से होगी, और यह वाघा बॉर्डर की तरह एक प्रमुख स्थल बनेगा।

बैठने की व्यवस्था: समारोह में 1000 लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे अधिक लोग इस अनूठी परेड का हिस्सा बन सकेंगे।

परेड का आयोजन: प्रतिदिन शाम को परेड आयोजित की जाएगी, जिसमें बीएसएफ जवान विधिवत रूप से तिरंगा उतारेंगे। यह परेड एक भव्य और अनुशासित कार्यक्रम होगा।

अन्य कार्यक्रम: समारोह के दौरान कैमल शो और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जो इस कार्यक्रम को और भी आकर्षक और समृद्ध बनाएंगे।

यह बीएसएफ रिट्रीट सेरेमनी जैसलमेर के पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगी।

राजस्थान सरकार का हाईटेक कृषि सिखाने का नया कदम

राजस्थान सरकार ने किसानों को हाईटेक कृषि की शिक्षा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य बजट घोषणाओं के तहत, प्रदेश के 100 युवा प्रगतिशील कृषकों को विदेश में कृषि के आधुनिक तरीकों को सीखने के लिए भेजा जाएगा। इस योजना के तहत, किसानों को "नॉलेज एनहांसमेंट प्रोग्राम" के माध्यम से इजराइल सहित अन्य देशों में कृषि भ्रमण का अवसर मिलेगा।

मुख्य बिंदु:

भ्रमण की योजना: कृषि एवं पशुपालन में विशेष उपलब्धि वाले प्रगतिशील किसानों और पशुपालकों का चयन कर उन्हें विदेशी भ्रमण के लिए भेजा जाएगा।

आवेदन प्रक्रिया: किसान स्वयं राज किसान साथी पोर्टल पर 10 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। चयन की प्रक्रिया के लिए गाइडलाइन जारी की गई है।

पात्रता मानदंड: आवेदन करने वाले किसानों की उम्र 50 साल से कम होनी चाहिए और उन्हें पिछले 10 वर्षों में पंचायती राज संस्था, सहकारी संस्था, वाटर यूजर एसोसिएशन, कृषि मंडी या एफपीओ में किसी पद पर रहना चाहिए। किसान का पासपोर्ट होना आवश्यक है, और उन्हें उच्च कृषि तकनीक जैसे संरक्षित खेती, सूक्ष्म सिंचाई, मल्चिंग, सौर ऊर्जा पंप, ड्रोन फर्टिगेशन आदि अपनाई होनी चाहिए।

पशुपालन से जुड़े कृषकों के लिए: जिनका डेयरी या गाय-भैंस पालन से 10 वर्षों का अनुभव हो, वे भी आवेदन कर सकते हैं।

इस भ्रमण के दौरान, किसान कम भूमि और कम पानी में बेहतर खेती और उन्नत पशुपालन तकनीकों को सीखेंगे, जो उनकी कृषि और पशुपालन प्रथाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक साबित होंगे।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2024: राजस्थान के दो शिक्षकों की सराहनीय उपलब्धियाँ

शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राजस्थान के दो शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनकी शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान और नवाचार के लिए प्रदान किया गया।

1. हुकम चंद चौधरी (बीकानेर)
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बीएसएफ बीकानेर के सामाजिक विज्ञान के अध्यापक हुकम चंद चौधरी को उनके "डिजिटल गुरु जी" के नाम से प्रसिद्ध होने के लिए यह पुरस्कार मिला। उन्होंने आईसीटी के माध्यम से विभिन्न मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल विकसित किए हैं। उनके नवाचारों में कबाड़ से जुगाड़ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग शामिल है। उनके प्रयासों से बीएसएफ स्कूल के विद्यार्थी विभिन्न राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं जैसे इंस्पायर अवार्ड, नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप, और आई स्टार्ट इंडिया में भाग ले चुके हैं।

2. बलजिंदर सिंह बराड़ (श्रीगंगानगर)
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय 4 जेजे के उप प्रधानाचार्य बलजिंदर सिंह बराड़ को उनके "कबाड़ से जुगाड़" और आईसीटी के प्रयोग के लिए यह पुरस्कार मिला। उन्होंने अंग्रेजी पाठ्य सामग्री को सरल बनाने के साथ-साथ अनुपयोगी पृष्ठों पर नोट्स प्रिंट करने का उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने निशुल्क खिलौना बैंक और स्टेशनरी बैंक की स्थापना की है और हस्तलेखन सुधार के लिए "माय स्किल" नामक पुस्तक तैयार की है, जिसका लगातार उपयोग सकारात्मक परिणाम दे रहा है।

इन शिक्षकों की यह सफलता न केवल उनके समर्पण और मेहनत को मान्यता देती है, बल्कि पूरे राज्य और देश के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी है।

"विषाणु युद्ध अभ्यास" में राजस्थान की भागीदारी

नेशनल वन हेल्थ मिशन (एनओएचएम) के तत्वावधान में, महामारी संबंधी तैयारियों का आकलन करने के लिए 27 अगस्त से 31 अगस्त, 2024 तक राजस्थान के अजमेर जिले में एक व्यापक राष्ट्रीय मॉक ड्रिल, "विषाणु युद्ध अभ्यास" (वायरस युद्ध अभ्यास) आयोजित किया गया।

यह मॉक ड्रिल महामारी के दौरान विभिन्न आपातकालीन तैयारियों और प्रतिक्रिया तंत्र की समीक्षा करने के लिए आयोजित की गई थी। इसका उद्देश्य महामारी प्रबंधन, त्वरित प्रतिक्रिया और संसाधनों के समन्वय की क्षमता को परीक्षण में डालना था।

इस अभ्यास ने सरकारी और स्वास्थ्य एजेंसियों के बीच समन्वय को बढ़ावा देने और वास्तविक परिस्थितियों में महामारी के प्रति बेहतर तैयारी के लिए एक मंच प्रदान किया। "विषाणु युद्ध अभ्यास" ने न केवल राज्य की तैयारियों का आकलन किया, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य संकट के समय प्रतिक्रिया की दक्षता को भी परीक्षण में डाला।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की चतुर्थ रिजनल कॉन्फ्रेंस जोधपुर में

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की चतुर्थ रिजनल कॉन्फ्रेंस हाल ही में जोधपुर में आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण कॉन्फ्रेंस की मेजबानी NHM राजस्थान ने की, जिसमें सात राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार, विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा, और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा करना था। यह आयोजन स्वास्थ्य क्षेत्र में समन्वय और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है, जो पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने में सहायक साबित होगा।

राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर: 'संगीत रस वर्षा' कार्यक्रम 13 सितंबर को जयपुर में

13 सितंबर 2024 को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, झालाना, जयपुर में 'संगीत रस वर्षा 2024' कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह विशेष कार्यक्रम पद्मश्री पंडित लक्ष्मण भट्ट तैलंग को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

प्रस्तुतियाँ:

  • ध्रुपद गायिका डॉ. मधु भट्ट तैलंग अपने ध्रुपद गायन से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगी।
  • पं. रविशंकर भट्ट तैलंग वायलिन वादन की प्रस्तुति देंगे, जो इस संगीत संध्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
  • अग्रवाल सांस्कृतिक एवं कल्याण सोसायटी की ओर से कथक की शानदार प्रस्तुति भी कार्यक्रम में देखने को मिलेगी, जिसमें राजस्थान के कई प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

राष्ट्रीय पोषण माह 2024: शक्ति उत्सव

·        1. शक्ति उत्सव और महिलाओं का सम्मान: राष्ट्रीय पोषण माह के तहत 'शक्ति उत्सव' का आयोजन किया गया, जिसमें सफल महिलाओं और बेटियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और समाज में महिलाओं की भूमिका को और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास किया।

·        2. 'सुरक्षित मां, स्वस्थ बच्चा' जागरूकता अभियान: इस अभियान का उद्देश्य माताओं और बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना है। इसे राष्ट्रीय पोषण माह के तहत शुरू किया गया ताकि माताओं को सही पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जागरूक किया जा सके और बच्चों की स्वस्थ परवरिश सुनिश्चित की जा सके।

·        3. महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण: उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने महिला सुरक्षा पर बल देते हुए कहा कि सरकार कदम उठा रही है, लेकिन समाज में मानसिकता में भी बदलाव जरूरी है। परिवार का सहयोग महिला सशक्तिकरण के लिए सबसे महत्वपूर्ण है, और यह महिला को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में मदद करता है।

 

 

 

खेजड़ली दिवस


·        कब: प्रतिवर्ष 12 सितंबर

·        शुरुआत: 1978

·        खेजड़ी का महत्व:

o   खेजड़ी पेड़ पश्चिमी राजस्थान का सबसे प्रमुख वृक्ष है।

o   वर्ष 1982-83: खेजड़ी को राजस्थान का राजकीय वृक्ष घोषित किया गया।

·        खेजड़ली मेला: प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल दशमी को आयोजित होता है।

अमृता देवी बिश्नोई   (पर्यावरणविद्, शहीद)

·        निवास स्थान: खेजड़ली गाँव, जोधपुर

·        घटना:

o   वर्ष 1730: जोधपुर के महाराजा द्वारा पेड़ों को काटने के आदेश दिए गए।


1730 में, जोधपुर के तत्कालीन महाराजा अभय सिंह ने अपने नए महल के निर्माण के लिए चूना जलाने हेतु खेजड़ी के पेड़ों को काटने का आदेश दिया । अमृता देवी ने पेड़ों को काटने का विरोध किया, जो बिश्नोई धर्म के लिए महत्वपूर्ण थे। उसने प्रसिद्ध रूप से कहा कि वह पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान दे देगी। किंवदंती के अनुसार, देवी ने पेड़ को गिरने से रोकने के लिए उसके तने के चारों ओर अपनी बाहें डाल दीं; जवाब में, राजा के आदमियों ने उसका सिर काट दिया।

                      अमृता देवी ने अपनी तीन पुत्रियोंआसू, रतनी, भागू (बेटियाँ)  के साथ इन पेड़ों की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया।

·        महत्व: यह घटना पर्यावरण संरक्षण और पेड़ों की रक्षा के लिए बलिदान की प्रेरणा बन गई।

खेजड़ली आंदोलन

·        तारीख: 2 सितंबर, 1730

·        स्थान: मारवाड़ (अभय सिंह के शासनकाल में)

·        नेतृत्व: अमृता देवी बिश्नोई

·        मुख्य उद्देश्य: पेड़ों को काटने से रोकने के लिए पेड़ रक्षा का आंदोलन

·        शहीदों की संख्या: 363 (जिसमें 69 महिलाएँ शामिल थीं)

यह आंदोलन पर्यावरण संरक्षण का एक ऐतिहासिक उदाहरण है, जहां अमृता देवी ने अपने जीवन का बलिदान देते हुए पेड़ों की सुरक्षा की प्रेरणा दी, जो आज भी बिश्नोई समाज और राजस्थान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में मानी जाती है।

अमृता देवी पुरस्कार

·        शुरुआत: वर्ष 1994-95

·        प्रस्तुति: यह राजस्थान वन विभाग का सर्वोच्च पुरस्कार है।

·        उद्देश्य:

o   यह पुरस्कार वृक्षारोपण, वन, और वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति या संस्था को प्रदान किया जाता है।

·        पुरस्कार राशि: 50,000 रुपये

·        प्रथम अमृता देवी पुरस्कार:

o   वर्ष: 1994

o   प्राप्तकर्ता: गंगाराम बिश्नोई (जोधपुर)

o   कारण: वन और वन्य जीव संरक्षण में उनके योगदान के लिए यह पुरस्कार दिया गया था।

यह पुरस्कार उन व्यक्तियों और संस्थाओं को मान्यता देता है जो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और अमृता देवी के बलिदान की याद में प्रेरणा का प्रतीक है।

 

अमृता देवी स्मृति पुरस्कार - 75वाँ राज्य स्तरीय वन महोत्सव


कार्यक्रम स्थल और तिथि:

  • आयोजन स्थल: एस.डी.आर.एफ. कैम्पस, गाड़ौता, मौजमाबाद, दुदु
  • तिथि: 7 अगस्त, 2024


मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने वन विकास और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को अमृता देवी स्मृति पुरस्कार प्रदान किया।

 

पुरस्कार प्राप्तकर्ता:

1.        वन विकास एवं वन्य जीव सुरक्षा श्रेणी:

वर्ष 2020: वन सुरक्षा एवं प्रबंध समिति, उदयपुर

2.        वन विकास ,संरक्षण वन सुरक्षा श्रेणी:

  • वर्ष 2019: श्री नारायण लाल कुमावत
  • वर्ष 2020: श्री श्याम सुन्दर पालीवाल, राजसमंद
  • वर्ष 2021: सुश्री अभिलाषा, सीकर व श्री बच्चू सिंह वर्मा, भरतपुर
  • वर्ष 2022: श्री पवन कुमार जैन, कोटा

2. वन्यजीव संरक्षण एवं सुरक्षा श्रेणी:

  • वर्ष 2020: श्री गजेन्द्र सिंह मांझी, नागौर
  • वर्ष 2021: श्री पदम सिंह राठौर, उदयपुर
  • वर्ष 2022: श्री मोहित शर्मा व सुश्री दिव्या शर्मा, जयपुर (संयुक्त रूप से)

कार्यक्रम का महत्व:
इस महोत्सव का उद्देश्य वन संरक्षण, विकास, और वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना और इस क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित करना है।

 


📜प्रदेश की 07 विधानसभा सीटों पर होगा उपचुनाव

रामगढ़ सीट पर लगातार दूसरी बार होगा उपचुनाव, वर्ष 2018 में बसपा प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह की चुनाव प्रचार के दौरान स्वर्गवास के कारण हो गए थे चुनाव स्थगित

रामगढ़ सहित अब प्रदेश की 07 विधानसभा सीटों पर होगा उपचुनाव

1.          देवली उनियारा विधानसभा सीट, कांग्रेस विधायक हरीश मीणा अब सांसद बन चुके हैं.

2.          दौसा विधानसभा सीट, कांग्रेस विधायक मुरारीलाल मीणा अब सांसद बन चुके हैं.

3.          झुंझुनू विधानसभा सीट, कांग्रेस विधायक बृजेंद्र ओला अब सांसद बन चुके हैं.

4.          चौरासी विधानसभा सीट, BAP (भारत आदिवासी पार्टी)  विधायक राजकुमार रोत अब सांसद बन चुके हैं.

5.          खींवसर विधानसभा सीट, RLP(राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ) विधायक हनुमान बेनीवाल अब सांसद बन चुके हैं.

6.          सलूंबर विधानसभा सीट, बीजेपी विधायक अमृतलाल मीणा का निधन हो चुका है.

7.          रामगढ़ विधानसभा सीट, कांग्रेस विधायक जुबेर खान का निधन हो चुका है.

जुबेर खान के निधन के बाद विधानसभा में अब कांग्रेस विधायकों की संख्या 65 रह गई है. दूसरी ओर सलूंबर सीट से बीजेपी विधायक अमृतलाल मीणा के निधन की वजह से खाली हुई थी, जिसके बाद भाजपा के विधायकों की संख्या 114 रह गई थी

प्रथम पांच सीटों के विधायक बन चुके है सांसद, इसलिए हो चुकी है खाली

अंतिम दो सीटों के विधायकों का हो चुका है निधन, जिसकी वजह से अब करवाने पड़ेंगे उपचुनाव

👉 अब तक सर्वाधिक 17 सीटों पर उपचुनाव का रिकॉर्ड प्रथम विधानसभा (1952) के नाम है, जिसमें सीएम भी तीन बार बदले गए थे प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री – टिकाराम पालीवाल

 

मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव

🔹 17 सितंबर 2024 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव का शुभारंभ किया गया ।

"स्वच्छता ही सेवा" अभियान

🔹17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले "स्वच्छता ही सेवा" अभियान की शुरुआत भी की गई ।

      17 सितंबर 2024 को भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखठ द्वारा 'स्वच्छता ही सेवा-2024 अभियान का शुभारंभ राजस्थान के झुंझुनूं से किया जाएगा?

 

घिलोठ में दूसरा जापानी निवेश क्षेत्र स्थापित

नीमराणा को जापानी निवेश क्षेत्र के रूप में सफल मॉडल बताया गया है। राजस्थान सरकार ने इस मॉडल से प्रेरित होकर नीमराणा से लगभग 20 किलोमीटर दूर घिलोठ में दूसरा जापानी निवेश क्षेत्र स्थापित करने की घोषणा की है।

 

मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान:

  • लक्ष्य: वर्षाकाल में 7 करोड़ पौधे लगाने का।
  • पौध वितरण की शुरुआत: 1 जुलाई, 2024 से।

ऋण समझौता:

  • संस्थान: JICA (जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी)।
  • कार्यक्रम: 19 जिलों में वृक्षारोपण, आवास सुधार, चारागाह और आर्द्रभूमि विकास।
  • अवधि: 10 वर्षों के लिए।
  • राशि: 1774 करोड़ रुपये।

 

चौथी ग्लोबल री-इन्वेस्ट एक्सपो

 स्थान: महात्मा मंदिर, गांधीनगर, गुजरात
उपलब्धियाँ:

  • सौर ऊर्जा क्षमता में प्रथम स्थान
  • नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता श्रेणी में द्वितीय स्थान

यह कार्यक्रम राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धियों का प्रतीक है!

·        चौथी ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर्स मीट में सौर ऊर्जा में प्रथम स्थान का पुरस्कार राजस्थान को प्रदान किया गया है?

·        राजस्थान राज्य का अक्षय ऊर्जा में द्वितीय स्थान रहा। यह आयोजन 16 सितंबर को गांधीनगर, गुजरात में किया गया।

  • अक्षय ऊर्जा क्षमता: राजस्थान में कुल 19116.80 मेगावाट स्थापित है, जिसमें सौर ऊर्जा 14454.70 मेगावाट के साथ सबसे आगे है।


News Facts :-

1. सौर ऊर्जा नीति

  • प्रथम सौर ऊर्जा नीति:
    • प्रभावी तिथि: 13 अप्रैल, 2011
    • राजस्थान: सौर ऊर्जा नीति जारी करने वाला संपूर्ण भारत का पहला राज्य।
  • नवीन सौर ऊर्जा नीति:
    • प्रभावी तिथि: 18 दिसंबर, 2019

2. ऊर्जा अधिष्ठापन

  • आर्थिक समीक्षा 2023-24:
    • कुल अधिष्ठापित ऊर्जा: 24,783 मेगावाट (मार्च 2024 तक)

3. वैश्विक स्थिति

  • सौर ऊर्जा उत्पादन में भारत का स्थान:
    • भारत: पूरे विश्व में तीसरा स्थान।


 


12वां स्टोन मार्ट 2024

Ø तारीख: 1-4 फरवरी 2024

Ø स्थान: जयपुर एग्जिबिशन व कन्वेंशन सेंटर, सीतापुरा

Ø यह आयोजन भारतीय पत्थर उद्योग को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का अवसर प्रदान करेगा!

                                                                                                     

               इंडिया स्टोन मार्ट 2026

Ø संकरण: 13वां

Ø तारीख: 5 फरवरी 2026

Ø  स्थान: राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर

Ø एमओयू: रिको, सीडॉस व लघु उद्योग भारती के बीच

Ø उद्देश्य: पत्थर उद्योग का विकास एवं वैश्विक मंच प्रदान करना


 

राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन द्वारा नया अभियान: "सरस अमृतम"

सरस अमृतम अभियान

  • पहल: पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री जोराराम कुमावत की अगुवाई में।
  • संस्थान: राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ)।

🍼 उद्देश्य:
सरस दूध और उससे बने उत्पादों के प्रचार के लिए नए अभियान की शुरुआत।

🌟 प्रमुख बिंदु:

  • इस अभियान के तहत, सरस दूध के स्वास्थ्य लाभों और विविधता को उजागर किया जाएगा।
  • उपभोक्ताओं को स्थानीय डेयरी उत्पादों के प्रति जागरूक करने का प्रयास।
  • राजस्थान के कृषि और डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम।

यह अभियान न केवल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी स्वास्थ्यवर्धक विकल्प प्रदान करेगा।

 


गुढ़ा साउथ-7 कुएं से कच्चे तेल का उत्पादन

  • कंपनी: केयर्न वेदान्ता
  • स्थान: ग्राम सैली, सांचोर
  • उत्पादन प्रारंभ:
    • पहली बार: गुढ़ा साउथ-7 कुएं से
    • उत्पादन मात्रा: 240 बैरल प्रतिदिन


'रन ऑफ वाटर ग्रिड' की स्थापना

  • जल संसाधन मंत्री: श्री सुरेश सिंह रावत
  • उद्देश्य:
    • प्रदेश में व्यर्थ बहकर जाने वाले जल का प्रबंधन
    • बाढ़ सुरक्षा प्रबंधन
    • जल का उचित उपयोग
  • आवश्यकता: 30,000 करोड़ रुपये का व्यय

यह पहल जल संसाधनों का संरक्षण और उपयोग सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है, जो प्रदेश की जल संकट से निपटने की दिशा में सहायक होगी।

 

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में 'टील कार्बन' अध्ययन

  • स्थान: भरतपुर ज़िला, केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (KNP)
  • महत्व: भारत में 'टील कार्बन' पर पहला अध्ययन

प्रमुख निष्कर्ष:

  • मीथेन उत्सर्जन: शोध में मीथेन उत्सर्जन में वृद्धि का पता चला है।
  • उपाय: उत्सर्जन स्तरों को कम करने के लिए विशेष बायोचार का उपयोग करने की सिफारिश की गई है।
  • आर्द्रभूमि संरक्षण: जलवायु अनुकूलन और आघात सहनीयता की चुनौतियों का सामना करने के लिए आर्द्रभूमि संरक्षण का महत्त्व।

पायलट परियोजना:

  • उद्देश्य: जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रकृति-आधारित समाधान विकसित करना।

टील कार्बन:

  • परिभाषा: अलवण जल (गैर-ज्वारीय) आर्द्रभूमि में संगृहीत कार्बन, जिसमें वनस्पति, सूक्ष्मजीवी बायोमास और घुले हुए कणिका कार्बनिक पदार्थ शामिल हैं।

यह अध्ययन न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगा, बल्कि जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी सहायक सिद्ध होगा।

 

बेस्ट टूरिस्ट विलेज: देवमाली


  • चुनाव: ब्यावर जिले के इस गांव को एक बार फिर से पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चुना गया है।
  • स्थानीय संस्कृति: यहां के लोग आज भी अपने घरों में सीमेंट बजरी का इस्तेमाल नहीं करते। 🛖
  • धार्मिक महत्व:
    • गुर्जर समाज के आराध्य देव भगवान श्री देवनारायण जी का मंदिर भी यहीं स्थित है। 🛕
    • भगवान श्री देवनारायण जी:
      • विष्णु के अवतार
      • आसींद, भीलवाड़ा में जन्मे।
  • रिकॉर्ड्स:
    • सबसे छोटी और सबसे लंबी फड़ सहित सबसे पुरानी फड़ का रिकॉर्ड भी इन्हीं के नाम है, जिसका वाचन गुर्जर भोपों द्वारा "जंतर" वाद्य यंत्र की सहायता से किया जाता है।
    • भारतीय डाक विभाग ने वर्ष 1992 में इनकी फड़ पर ₹5 का डाक टिकट जारी किया, जिससे इनका नाम सबसे छोटी फड़ के रिकॉर्ड में आ गया। 📨
  • त्योहार:
    • प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल सप्तमी के दिन इनका मेला भरा जाता है। 🚩

🎉 देवमाली की समृद्ध संस्कृति और धार्मिक महत्व का अनुभव करें!


गौरव रूंगटा को सम्मान

एशिया पेसिफिक इंटरप्राइजेज अवार्ड-2024 से सम्मानित

🔹 गौरव रूंगटा, राजस्थान के उद्यमी, को थाईलैंड में एशिया पेसिफिक इंटरप्राइजेज अवार्ड 2024 से सम्मानित किया गया। 🌏

    यह सम्मान उनके उद्यमिता और व्यवसायिक उपलब्धियों की मान्यता है।

 

राजस्थान स्टेट अलाइड एंड हेल्थ केयर काउंसिल का गठन

1. गठन की तारीख

  • 31 अगस्त 2024

2. कानूनी आधार

  • नेशनल अलाइड एंड हेल्थ केयर प्रोफेशन कमीशन एक्ट, 2021 के तहत गठित।

3. चेयरमैन

  • डॉ. एसएस यादव
    • सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रोफेसर।

4. उद्देश्य

  • स्वास्थ्य और स्वास्थ्य संबंधी पेशेवरों की मान्यता और विकास को सुनिश्चित करना।
  • राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना।

5. महत्व

  • राज्य की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को और अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनाना।

 

राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र, बीकानेर (राज-शीतल, पहला घोड़ा जो विट्रिफाइड भ्रूण स्थानांतरण तकनीक से जन्मा)

1. राज-शीतल का परिचय

  • नाम: राज-शीतल, पहला घोड़ा जो विट्रिफाइड भ्रूण स्थानांतरण तकनीक से जन्मा।
  • जन्म स्थान: राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र, बीकानेर।

2. विट्रिफाइड भ्रूण स्थानांतरण तकनीक

  • तकनीक का महत्व: इस तकनीक से भ्रूण को संरक्षित करके उच्च गुणवत्ता वाले घोड़ों की प्रजनन क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।
  • प्रक्रिया: भ्रूण को नाइट्रोजन में ठंडा किया जाता है, जिससे उसकी जीवन शक्ति बरकरार रहती है।

3. बच्‍चे की विशेषताएँ

  • जन्म का वजन: 20 किलोग्राम, जो इसके स्वास्थ्य और विकास को दर्शाता है।
  • आकार और स्वास्थ: सामान्य घोड़े के मुकाबले, राज-शीतल का विकास प्रारंभिक अवस्था में ही स्वस्थ है।

4. अनुसंधान और विज्ञान

  • वैज्ञानिक प्रयास: यह सफलता अनुसंधान और विकास में भारतीय वैज्ञानिकों की मेहनत को दर्शाती है।
  • घोड़ों के प्रजनन में नवाचार: नई तकनीकें पशुपालन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती हैं।

5. सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

  • पशुपालन उद्योग पर प्रभाव: उच्च गुणवत्ता वाले घोड़ों की उपलब्धता से पशुपालन व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा।
  • कृषि और खेल में भूमिका: राज-शीतल जैसे घोड़ों का उपयोग खेलों और कृषि में बेहतर परिणाम दे सकता है।

6. भविष्य की संभावनाएँ

  • प्रवृत्तियों में बदलाव: इस तकनीक से अन्य प्रजातियों में भी अनुसंधान के नए द्वार खुल सकते हैं।
  • घोड़ों की नस्ल सुधार: भारतीय नस्लों में सुधार और विविधता लाने का अवसर।

मोहना सिंह: तेजस उड़ाने वाली पहली महिला फाइटर पायलट

1. पृष्ठभूमि

  • नाम: मोहना सिंह
  • जिला: झुंझुनूं, राजस्थान

2. उपलब्धि

  • पद: स्क्वाड्रन लीडर
  • फाइटर जेट: स्वदेशी एलसीए तेजस
  • स्क्वाड्रन: '18 फ्लाइंग बुलेट्स', जो भारतीय वायुसेना की एक प्रतिष्ठित यूनिट है।

3. प्रशिक्षण और उड़ान

  • अभ्यास: हाल ही में जोधपुर में 'तरंग शक्ति' अभ्यास के दौरान तेजस लड़ाकू विमान में उड़ान भरी।
  • महिलाओं का समूह: मोहना सिंह उन तीन महिलाओं में से एक हैं जिन्होंने भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में कर्तव्य निभाने की शुरुआत की।

4. महत्व

  • महिला सशक्तीकरण: मोहना की उपलब्धि भारतीय वायुसेना में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण का प्रतीक है।
  • प्रेरणा: उनकी सफलता युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो विमानन क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखती हैं।

मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) जयपुर

दीक्षांत समारोह

  • संस्थान: मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जयपुर
  • आयोजन: 18वाँ दीक्षांत समारोह
  • उद्घाटन :- राष्ट्रपति: द्रोपदी मुर्मु 
  •  

मुख्य अतिथि

  • राष्ट्रपति: द्रोपदी मुर्मु 
  • राज्यपाल: हरिभाऊ बागड़े
  • मुख्यमंत्री: भजनलाल शर्मा

 

जैसलमेर जिले में "एक पेड़ मां के नाम" थीम पर आयोजित वृक्षारोपण अभियान  वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स

हाल ही में जैसलमेर जिले में "एक पेड़ मां के नाम" थीम पर आयोजित वृक्षारोपण अभियान के तहत 22 सितंबर 2024 को मात्र 1 घंटे में 5,19,130 से अधिक पौधे लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया। इस अभियान का आयोजन राजपूताना राइफल्स की 128 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) पारिस्थितिक कार्य बल द्वारा किया गया था।

यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान “एक पेड़ मां के नाम” और प्रादेशिक सेना के आउटरीच कार्यक्रम “भागीदारी और जिम्मेदारी” के तहत किया गया था। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन ने इस उपलब्धि का सत्यापन किया और इसे प्रमाणित करते हुए पारिस्थितिकी कार्य बल को पुरस्कार भी प्रदान किया।

 

हाल ही में प्रदेश में नए सैनिक स्कूल का उद्घाटन जयपुर में किया गया है।

उद्घाटन:

  • 23 सितंबर 2024 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा श्री भवानी निकेतन पब्लिक सैनिक स्कूल, जयपुर का उद्घाटन किया गया।

वर्तमान स्थिति:

  • प्रदेश में वर्तमान में 3 जिलों (चित्तौड़गढ़, झुंझुनूं और अलवर) में सैनिक स्कूल संचालित हैं।

भविष्य की योजनाएँ:

  • जोधपुर, हनुमानगढ़ और सीकर में भी सैनिक स्कूल प्रस्तावित हैं।

 

सौर ऊर्जा और विंड-सोलर हाइब्रिड परियोजना

1. मुख्य उद्देश्य

2. परियोजनाएं और भूमि आवंटन

  • कुल परियोजना क्षमता: 5,708 मेगावाट की सौर ऊर्जा और विंड-सोलर हाइब्रिड परियोजनाओं के लिए 10,418 हेक्टेयर भूमि आवंटित।
  • सौर ऊर्जा परियोजनाएं:

·       नाचना-1 (तहसील), बोडान गाँव में ,जैसलमेर: 2,000 मेगावाट (क्रिस्टेलाइन टेक्नोलॉजी पर आधारित)।

·       मोहनगढ़-1 मोहनगढ़ में और मोहनगढ़ -2 पोहड़ गाँव में, जैसलमेर: 1,500 मेगावाट (क्रिस्टेलाइन टेक्नोलॉजी विद ट्रैकर पर आधारित)।

·       सियाम्बर, रामगढ़,जैसलमेर : 1,000 मेगावाट।

·       जैसलमेर एवं फलौदी: 1,100 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना और 108 मेगावाट विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट।

3. परियोजनाओं का महत्व

  • ये परियोजनाएं राजस्थान को ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और राज्य को "एनर्जी सरप्लस" की दिशा में एक बड़ा कदम होंगी।
  • किसानों को दिन में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना के तहत ये परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं।

मथुरादास माथुर अवार्ड 2024(31वां)

  • सीनियर वर्ग – अभिजीत तोमर
  • जूनियर वर्ग – रोहन राजभर
  • सब जुनियर वर्ग – रजत बघेल

राजस्थान में पहला जन पोषण केंद्र

  • नाथावल , जयपुर में राजस्थान का पहला जन पोषण केंद्र खोला गया है ।

तीन संयुक्त उद्यम कंपनियों के प्रस्तावों का अनुमोदन:

राजस्थान में भविष्य की बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के उद्देश्य से 10 मार्च 2024 को केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के बीच एमओयू (समझौता ज्ञापन) हस्ताक्षरित किए गए थे।

1.        लिग्नाइट आधारित परियोजना:

·       एनएलसी इंडिया लिमिटेड  (Neyveli Lignite Corporation Limited)

·       इस परियोजना में एनएलसी इंडिया लिमिटेड की 74% और राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम की 26% हिस्सेदारी होगी।

·       3,125 मेगावाट की लिग्नाइट आधारित तापीय विद्युत स्टेशन की स्थापना की जाएगी, जिससे राज्य की ऊर्जा उत्पादन क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।

 

2.        अक्षय ऊर्जा परियोजना:

 

·     एनएलसी इंडिया रिन्यूएबल लिमिटेड (NLC India Renewable Limited) और राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के साथ एक अन्य संयुक्त उद्यम कंपनी का गठन किया जाएगा।

·     इसमें भी एनएलसी इंडिया रिन्यूएबल लिमिटेड की 74% और राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम की 26% हिस्सेदारी होगी।

·     इस परियोजना के तहत 2,000 मेगावाट की संभावित क्षमता वाली सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित की जाएगी।

·     यह परियोजना राजस्थान में अक्षय ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ हरित ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

 

3.        छबड़ा थर्मल पावर प्लांट

 

एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन) और राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम (RVUN) की 50-50% शेयरधारिता वाले तीसरे संयुक्त उद्यम के तहत छबड़ा थर्मल पावर प्लांट के परिसर में नई विद्युत उत्पादन इकाइयां स्थापित की जाएंगी।

इस परियोजना की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

1.        नई विद्युत इकाइयों की स्थापना:

·       छबड़ा थर्मल पावर प्लांट के परिसर में 660 मेगावाट और 800 मेगावाट क्षमता की एक या दो अतिरिक्त तापीय विद्युत इकाइयां स्थापित की जाएंगी।

·       इन इकाइयों के निर्माण से राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी और भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

2.        स्वामित्व हस्तांतरण और संचालन:

·       छबड़ा थर्मल पावर प्लांट की मौजूदा 2,320 मेगावाट की इकाइयों का स्वामित्व एनटीपीसी और आरवीयूएन के इस संयुक्त उद्यम को हस्तांतरित किया जाएगा।

·       एनटीपीसी के तकनीकी कौशल और विशेषज्ञता का उपयोग करके इन इकाइयों का संचालन किया जाएगा, जिससे पावर प्लांट की दक्षता और कार्यक्षमता में सुधार होगा।

इस संयुक्त उद्यम के माध्यम से छबड़ा थर्मल पावर प्लांट की मौजूदा और नई इकाइयों के साथ राज्य की ऊर्जा आवश्यकताएं बेहतर तरीके से पूरी की जा सकेंगी, साथ ही विद्युत उत्पादन की लागत और दक्षता में भी सुधार होगा।

 ‘कवच 4.0’ का ट्रायल सफलतापूर्वक

24 सितंबर 2024 को राजस्थान में सवाई माधोपुर से कोटा के बीच 108 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक परकवच 4.0’ का ट्रायल सफलतापूर्वक किया गया।

ट्रायल की मुख्य बातें:

  • रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ट्रायल में भाग लेते हुए सवाई माधोपुर से सुमेरगंज मंडी तक ट्रेन के लोको पायलट के साथ सफर किया।
  • कवच 4.0 ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम का सबसे उन्नत संस्करण है, जो ट्रेन संचालन को अधिक सुरक्षित और कुशल बनाने के लिए विकसित किया गया है।
  • कवच 4.0 की मदद से लोको पायलट इंजन में बैठे-बैठे ही 7 किलोमीटर दूर के सिग्नल की जानकारी प्राप्त कर सकता है।
  • यह सिस्टम जरूरत के अनुसार खुद ही ट्रेन की स्पीड को कम कर देता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

कवच 4.0 का महत्व:

यह ट्रायल भारतीय रेलवे की सुरक्षा और तकनीकी क्षमता को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रणाली का उपयोग रेलवे नेटवर्क को और अधिक सुरक्षित और प्रभावशाली बनाने के लिए किया जाएगा, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।

इस प्रकार की आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से रेलवे सेवा की विश्वसनीयता और गुणवत्ता में सुधार होगा, जो यात्रियों के लिए एक सकारात्मक अनुभव प्रदान करेगा।

 

जयपुर में फीफा द्वारा मान्यता प्राप्त दूसरा फुटबॉल ग्राउंड

  • स्थान: विद्याधर नगर स्टेडियम, जयपुर
  • मान्यता: इस स्टेडियम को अंतर्राष्ट्रीय मैदान की मान्यता प्राप्त हो गई है।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • फीफा ने इस ग्राउंड को इंटरनेशनल सर्टिफिकेट जारी किया है, जो 12 जुलाई, 2027 तक मान्य होगा. इस ग्राउंड पर लगभग 3 हजार दर्शक मैच का आनंद ले सकते हैं और करीब 20 हजार दर्शकों के खड़े रहने की व्यवस्था की गई है
  • राजस्थान फुटबाल एसोसिएशन के सचिव- दिलीप सिंह
  • इंडियन फुटबॉल लीग (IFL): इस मैदान में अक्टूबर महीने में प्रस्तावित इंडियन फुटबॉल लीग का आयोजन होगा।

संदर्भ

यह स्टेडियम जयपुर में फुटबॉल के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और क्षेत्र में खेल प्रेमियों के लिए एक नई सुविधा प्रदान करेगा।

 

मरुधरा गौरव सम्मान -2024

  • मरुधरा लोक कला एवं संगीत सेवा संस्थान, जोधपुर द्वारा मीता पंडित को ‘मरुधरा गौरव सम्मान 2024’ से सम्मानित किया गया है।

तेजस मार्क – 1

  • भारतीय वायु सेना के पहले स्वदेशी सुपरसोनिक लड़ाकू विमान ‘तेजस मार्क – 1ए’ की तैनाती देश में पहली बार नाल(बीकानेर) सैन्य एयर बेस पर होगी।

पवन ढाका

  • दुनिया की सबसे ऊंची अल्ट्रा मैराथन लद्दाख मैराथन में पवन ढाका(सीकर) ने स्वर्ण पदक जीता है ।

राज्य में पांचवा बायोलॉजिकल पार्क

  • राजस्थान में अलवर के भूगोर वन क्षेत्र में राज्य का पांचवा बायोलॉजिकल पार्क बनेगा।

 


राजस्थान की फ्लैगशिप कार्यक्रम में शामिल योजनाएं

🌺 चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं:

  • शुद्ध के लिए युद्ध
  • निरोगी राजस्थान
  • निशुल्क दवा योजना
  • निशुल्क जांच योजना
  • चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा
  • मुख्यमंत्री निशुल्क निरोगी राजस्थान योजना

स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाएं:

  • महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल
  • मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना\पन्नाधाय बाल गोपाल योजना
  • मुख्यमंत्री निशुल्क यूनिफार्म वितरण योजना

💚 सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग की योजनाएं:

  • कन्यादान हथलेवा योजना
  • सिलिकोसिस पॉलिसी 2019
  • मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना
  • मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन योजना
  • मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना
  • पालनहार योजना

🍀 उच्च शिक्षा विभाग की योजनाएं:

  • राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस
  • काली बाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना
  • देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना

🍀 अन्य फ्लैगशिप कार्यक्रम में शामिल योजनाएं:

·        पर्यटन को पूर्ण उद्योग का दर्जा (पर्यटन विभाग)

·        घर-घर औषधि योजना (वन व पर्यावरण विभाग)

·        युवा संबल योजना (कौशल रोजगार व उद्यमिता विभाग)

·        राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2019 (उद्योग विभाग)

·        मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना (सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग)

·        इंदिरा रसोई योजना (स्वायत शासन विभाग)

·        इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना (स्वायत शासन विभाग)

·        मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना (सामाजिक न्याय विभाग)

·        मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना (ऊर्जा विभाग)

·        जन आधार योजना (आयोजना विभाग)

·        इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना (महिला व बाल विकास)

·        जन सूचना पोर्टल (सूचना प्रौद्योगिकी व संचार विभाग)

·        एक रुपए किलो गेहूं (खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग)

·        राजस्थान कृषि प्रसंस्करण व कृषि व्यवसाय कृषि निर्यात प्रोत्साहन योजना 2019 (कृषि विभाग)

ये योजनाएं राजस्थान के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और विभिन्न वर्गों के लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई हैं।