यह जानकारी राजस्थान पुलिस उप-निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021 की संदिग्धता और उससे जुड़ी अनियमितताओं पर केंद्रित है। निम्नलिखित मुख्य बिंदु इस संदर्भ में स्पष्ट हैं:

1.        भर्ती प्रक्रिया:

o   859 पदों के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा विज्ञप्ति जारी की गई।

o   चयनित अभ्यर्थियों को आवश्यक औपचारिकताओं के बाद नियुक्ति और प्रशिक्षण का आदेश दिया गया।

2.        पेपर लीक का मुद्दा:

o   राज्य सरकार ने पेपर लीक की घटनाओं की जाँच हेतु 16 दिसंबर 2023 को एसआईटी (विशेष जांच टीम) का गठन किया।

o   जाँच का नेतृत्व आईपीएस विजय कुमार सिंह द्वारा किया गया।

3.        जाँच के निष्कर्ष:

o   एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की एफआईआर संख्या 10/2024 के अंतर्गत पाया गया कि इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनुचित साधनों (अनुचित तरीकों) का उपयोग किया गया।

o   इससे चयन प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।

o   अनुचित साधनों का उपयोग करने वाले और योग्य प्रशिक्षुओं को अलग-अलग पहचानना संभव नहीं है।

संभावित कार्यवाही:

ऐसी स्थिति में भर्ती परीक्षा को रद्द करने और भविष्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की सिफारिश की जा सकती है। साथ ही, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और जवाबदेही बढ़ाने के लिए नई नीतियाँ लागू करना आवश्यक होगा।

 

4. डीजीपी की अनुशंसा:

  • महानिदेशक पुलिस, राजस्थान, जयपुर ने दिनांक 22.08.2024 को अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एटीएस और एसओजी) और एसआईटी अध्यक्ष की अनुशंसा से सहमति व्यक्त की।
  • परीक्षा को रद्द करने और इस संबंध में एसआईटी रिपोर्ट गृह विभाग को प्रेषित की गई।

5. एसआईटी की अनुशंसा:

एसआईटी द्वारा दी गई अनुशंसाओं के मुख्य बिंदु:

1.        परीक्षा निरस्त करें:

o   उप निरीक्षक पुलिस/प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द किया जाए।

o   नई भर्ती की विज्ञप्ति जारी की जाए।

2.        नई परीक्षा का आयोजन:

o   इस भर्ती परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को कम से कम 3 महीने का समय देकर पुनः परीक्षा का आयोजन हो।

o   आयु सीमा में छूट देकर अभ्यर्थियों को विशेष सुविधा प्रदान की जाए।

3.        वर्तमान प्रशिक्षणरत उम्मीदवार:

o   यदि नई परीक्षा में वर्तमान प्रशिक्षणरत उप निरीक्षक असफल रहते हैं, तो उन्हें आयु सीमा में छूट के साथ अगली परीक्षा में एक अतिरिक्त अवसर दिया जाए।


6. महाधिवक्ता की राय:

  • राज्य सरकार ने डीजीपी और एसआईटी की अनुशंसा को महाधिवक्ता, राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर को विधिक राय के लिए भेजा।
  • महाधिवक्ता ने 14.09.2024 को परीक्षा निरस्त करने की राय दी।

संभावित निर्णय:

  • इस परीक्षा में हुए अनियमितताओं और अनुचित साधनों के उपयोग को ध्यान में रखते हुए, भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करना उचित प्रतीत होता है।
  • नई परीक्षा के आयोजन और पात्र अभ्यर्थियों को उचित अवसर देने के लिए समयबद्ध तरीके से कार्यवाही की जानी चाहिए।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राजस्थान पुलिस उप-निरीक्षक/प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा, 2021 के संदर्भ में अनियमितताओं के चलते परीक्षा को निरस्त करने की सिफारिश पर विचार-विमर्श और अनुशंसा की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।


प्रमुख बिंदु:

1.        मंत्रियों की समिति का गठन:

o   मंत्रिमंडल सचिवालय के आदेशानुसार, पाँच मंत्रियों की एक समिति गठित की गई, जिनमें शामिल थे:

§  श्री जोगाराम पटेल (कार्य विभाग)

§  श्री सुमित गोदारा (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति)

§  श्री बाबूलाल खराड़ी (जनजातीय क्षेत्रीय विकास)

§  श्री जवाहर सिंह बेदम (राज्य मंत्री, गृह विभाग)

§  डॉ. मंजू बाधमार (राज्य मंत्री, सा.मि.वि. विभाग)

2.        समिति की बैठकें:

o   प्रथम बैठक: 07.10.2024

o   द्वितीय बैठक: 10.10.2024

o   द्वितीय बैठक में विधि, कार्मिक विभाग, और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया गया।

3.        समिति की अनुशंसा:

o   अनुशंसा 1:
अध्यक्ष एसआईटी और डीजीपी राजस्थान द्वारा दी गई सिफारिशों को सही ठहराया गया।

o   अनुशंसा 2:
परीक्षा को प्रारंभ से ही दूषित पाया गया। अनुचित साधनों और अयोग्य उम्मीदवारों के चयन से राजस्थान पुलिस के आदर्श ("आमजन में विश्वास एवं अपराधियों में भय") को प्रभावित बताया गया।

o   अनुशंसा 3:
पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करने हेतु वर्तमान भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने और नई परीक्षा आयोजित करने की सिफारिश की गई।

o   अनुशंसा 4:
RPSC द्वारा पूर्व के सभी आवेदकों को पुनः परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर प्रदान किया जाए।

4.        मुख्यमंत्री को प्रस्ताव:
समिति ने समस्त तथ्यों, महाधिवक्ता की राय, और डीजीपी की सिफारिशों के आधार पर परीक्षा निरस्त करने की सिफारिश मुख्यमंत्री को अनुमोदन हेतु भेजी है।


निष्कर्ष:

यह प्रक्रिया राज्य सरकार की पारदर्शी और निष्पक्ष प्रशासन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह निर्णय योग्य और स्वच्छ छवि वाले पुलिस अधिकारियों का चयन सुनिश्चित करेगा